January 28, 2026

दुख में सुमिरन सब करे सुख में करे न कोय, जो सुख में सुमिरन करे तो दुख काहे होय- प्रेरक कथा

Lord Vishnu 4
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एक निर्धन व्यक्ति था. वह रोज भगवान विष्णु और लक्ष्मी देवी की पूजा करता था. अपनी पूजा में व हमेशा यह मांगता कि प्रभु दरिद्रता दूर कर दो.

वह अक्सर सोचता कि काश उसके पास राजा की तरह धन धन होता. वह स्वयं तो ऐश-मौज से जिंदगी बिताता ही किसी को भी गरीब न रहने देता.

एक बार दीपावली पर उसने पूजा की और यही मंशा दोहराई. भगवती लक्ष्मी उसकी आराधना और मन की भावना दोनों से प्रसन्न हो गईं.

वह उसके सामने प्रकट हुईं और उसे एक अंगूठी देकर कहा इसे धारण कर लो. यह तुम्हारी सारी मनोकामना को पूरा करने में सहायता करेगी.

अंगूठी सामान्य नहीं थी. उसे पहनकर उस व्यक्ति ने जैसे ही अगले दिन धन पाने की कामना की, उसके सामने धन का ढेर लग गया.
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