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उसे ऊपर बैठा पक्षी ज्यादा सुखी लगने लगा. उसका अपना मन कड़वा हुआ था इसलिए स्वयं को सबसे दुखी और दूसरे को सबसे सुखी समझ रहा था. उसने दूसरे पक्षी के बारे में सोचना शुरू किया.

बड़ा विचित्र जीव है. न तो कभी बहुत खुश दिखता है न कभी बहुत दुखी. शांत भाव से अपने आप में विभोर रहता है. वह है तो थोड़ा अजीब पर ज्यादा सुखी है. क्यों न उससे मिलकर दोस्ती की जाए, कुछ सीखा जाए.

वह ऊपर वाले पक्षी के पास गया. जब नजदीक पहुंचा तो उसे महसूस हुआ कि सूर्य की किरणों जैसे सुनहरे पंखों में से रोशनी आ रही है. उस रोशनी में उसने खुद को देखा तो अपना शरीर सड़ता-गलता नजर आया.

उसे ऐसा महसूस हुआ मानो वह काफी समय से थोड़ा-थोड़ा करके गल रहा था पर इस बात का उसे आभास भी नहीं हो पा रहा था. वह यह सोचकर बेचैन होने लगा.

फिर उसने महसूस किया कि दूसरे पक्षी के शरीर से निकली किरणें उसे अपने में समेट कर पवित्र कर रही हैं उसकी पीड़ा शांत कर रही हैं. यह बात तो अजीब थी लेकिन उसे मानसिक रूप से शांति पहुंचाने लगी.

कौन था वह पक्षी जिससे मिलकर पहली बार उसे बेचैनी की जगह आनंद मिला. पढ़ें अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.

4 COMMENTS

      • आपके शुभ वचनों के लिए हृदय से कोटि-कोटि आभार.
        आप नियमित पोस्ट के लिए कृपया प्रभु शरणम् से जुड़ें. ज्यादा सरलता से पोस्ट प्राप्त होंगे और हर अपडेट आपको मिलता रहेगा. हिंदुओं के लिए बहुत उपयोगी है. आप एक बार देखिए तो सही. अच्छा न लगे तो डिलिट कर दीजिएगा. हमें विश्वास है कि यह आपको इतना पसंद आएगा कि आपके जीवन का अंग बन जाएगा. प्रभु शरणम् ऐप्प का लिंक? https://goo.gl/tS7auA

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