हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:fb]
सभी दरबारी मंत्री की ओर देखने लगे. उसके राज्य, उसके राजा की साख दांव पर थी और उसकी बुद्धि की परख भी होनी थी. ऐसी बड़ी चुनौतियों के साथ मंत्री ने उस आगंतुक को देखा.
फिर मंत्री अपने स्थान से उठकर गायों की तरफ गया. उसने दोनों का बारीकी से निरीक्षण किया किंतु वह भी नहीं पहचान पाया कि वास्तव में कौन मां है और कौन बेटी?
अब मंत्री बड़ी दुविधा में फंस गया था. उसने सौदागर से निर्णय करने के लिए एक दिन की मोहलत मांगी. सौदागर राजी हो गया.
मंत्री अपने घर आया और वह बेहद परेशान रहा. उसकी पत्नी ने परेशानी का कारण पूछा तो मंत्री ने सारी बात कह सुनाई.
उसे जब पति की परेशानी का कारण सुना तो हंसने लगी.
शेष अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.