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बाकी दो ने तो हो सकता है कि किसी से पूछकर जान लिया होग कि जिस अन्न का भोजन बना है वह कहां से आया है अथवा वेश्या की पारिवारिक पृष्ठभूमि क्या है किंतु शैय्याचंग का प्रमाण स्पष्ट था. यदि उसने बाल देखा भी हो तो भी उसके पास साक्ष्य था.

यदि यह मानकर चला जाए कि तीनों ने ही सारी बातें पता लगा ली हों तो बिस्तर में बाल का पता लगाने से ज्यादा कठिन अन्न और स्त्री की पृष्ठभूमि तक का पता लगाना है फिर भी एक राजा को बुद्धिमता का निर्णय उस प्रमाण के आधार पर करना चाहिए जो प्रत्यक्ष है.
(भविष्य पुराण)

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