January 28, 2026

शिव का सुरेश्वर अवतारः उपमन्यु की परीक्षा के लिए महादेव ने धर लिया इंद्र का रूप, भक्त को प्रदान किए संसार के सारे ऐश्वर्य

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व्याघ्रपाद मुनि के एक पुत्र का नाम था उपमन्यु. उपमन्यु को पूर्वजन्म में ही सिद्धि की प्राप्ति हो गई थी. उन्हें मुनिकुमार के रूप में एक और जन्म लेना पड़ा था. उपमन्यु अपनी माता के साथ मामा के घर में रहते थे.

परिवार दरिद्रता से ग्रसित था. एक दिन उपमन्यु ने माता से पीने के लिए दूध मांगा. माता पुत्र की इच्छा पूरी करने में असमर्थ थीं. बालक की बातें सुनकर माता की हृदय पीड़ा से भर गया.

उन्होंने कुछ चावल पीसे और उसको पानी में घोलकर दूध का रूप दे दिया. वह दूध उपमन्यु को पीने को दिया. दूध पीकर उपमन्यु ने कहा- यह तो नकली दूध है. मुझसे छल कर रही हो. और वह रोने लगा.

उपमन्यु की मां ने कहा- बेटा, हम बनवासी हैं. हमारे पास दूध के लिए कोई प्रबंध भी नहीं. भगवान शिव संसार के सभी दुधारु पशुओं के स्वामी हैं. उनकी कृपा से ही दूध प्राप्त होता है.

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