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आषाढ़ शुक्लपक्ष एकादशी से कार्तिक शुक्लपक्ष एकादशी तक चार माह की मेरी यह अल्पनिद्रा भक्तों के लिए उत्सवप्रद तथा पुण्यवर्धक होगी. इस काल में जो भक्त मेरे शयन की भावनाकर सेवा करेंगे उनके घर में तुम्हारे सहित निवास करूँगा.

कार्तिक शुक्लपक्ष की एकादशी को भगवान जागते हैं इसलिए इसे देवोत्थान एकादशी या देवउठावनी कहते हैं. श्रीहरि के शालिग्राम स्वरूप का देवी तुलसी के साथ विवाह कराया जाता है. हिंदु धर्म में विवाहोत्सव का मुहूर्त आरंभ होता है.

संकलन व प्रबंधन: प्रभु शरणम् मंडली

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