January 28, 2026

एक गौ को पीड़ा पहुंचाने के पापकृत्य से जनक को करना पड़ा नरक का दर्शन, जनक के दर्शन से नरक भोग रहे पापात्माओं का हुआ उद्धार

kamdhenu
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राजा जनक ने स्थूल शरीर का त्याग किया तो उनकी पुण्यआत्मा का स्वागत करने और उसे स्वर्गलोक तक ले जाने के लिए धर्मराज ने एक विशेष विमान विमान भेजा.

स्वर्ग में प्रवेश करने से पहले वह विमान उन्हें नरकलोक की ओर ले चला. विमान पर सवार राजा जनक नरकपुरी से होकर गुजर हे थे तो उन्होंने देखा कि देवदूत अनेकों पापात्माओं को तरह-तरह से प्रताड़ित कर रहे हैं.

जनक क्षणभर के लिए ठिठके. जनक को छूकर जाने वाली हवा जब उन पापात्माओं तक पहुंचती थी तो उन्हें पीड़ा से राहत मिलती थी. जनक की उपस्थिति से राहत महसूस करते नरकवासी उनसे वहीं ठहर जाने की विनती करने लगे.

जनक धर्मसंकट में थे. एक तरफ तो उन्हें स्वर्गलोग की ओर आने के लिए धर्मराज का आदेश मिश्रित निमंत्रण था दूसरी और पापात्माओं की नरक में ठहरने की करूणाभरी याचना.

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