हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:fb]
सारे देवता शिवजी के पास अपनी शिकायत लेकर गए. शिवजी को कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था. देवी पार्वती ने सलाह दी कि ब्रह्माजी से इसका हल निकालने को कहा जाए.
ब्रह्माजी योग में लीन हुए और योग से दो कन्याएं ऋद्धि और सिद्धि अवतरित हुईं. दोनों ब्रह्मा की मानस पुत्री थीं. ब्रह्माजी ऋद्धि-सिद्धि को लेकर गणेशजी के पास पहुंचे.
गणेशजी से अनुरोध किया कि वह उनकी दोनों मानस पुत्रियों को अपनी मित्र मंडली में शामिल कर लें और उन्हें शिक्षा दें. गणेशजी तैयार हो गए. चूहा जब भी गणेशजी के पास किसी विवाह की सूचना लेकर आता, ऋद्धि-सिद्धि उनका ध्यान बंटाने के लिए कोई ज्ञान का प्रसंग छेड़ देतीं.
इस तरह देवों के विवाह निर्विघ्न होने लगे. एक दिन चूहे को मौका लगा. उसने गणेशजी को पिछले दिनों में हुए देवताओं के कई निर्विघ्न विवाह के बारे में बताया. गणेशजी को मामला समझ में आ गया.
शेष अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.
Very nice…
आपके शुभ वचनों के लिए हृदय से कोटि-कोटि आभार.
आप नियमित पोस्ट के लिए कृपया प्रभु शरणम् से जुड़ें. ज्यादा सरलता से पोस्ट प्राप्त होंगे और हर अपडेट आपको मिलता रहेगा. हिंदुओं के लिए बहुत उपयोगी है. आप एक बार देखिए तो सही. अच्छा न लगे तो डिलिट कर दीजिएगा. हमें विश्वास है कि यह आपको इतना पसंद आएगा कि आपके जीवन का अंग बन जाएगा. प्रभु शरणम् ऐप्प का लिंक? https://goo.gl/tS7auA