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तालाब भी पलभर में छोटा पड़ने लगा. कश्यप ने समझ लिया कि भगवान की कोई माया है. उन्होंने स्तुति करके इसका रहस्य पूछा. भगवान ने उन्हें आदेश दिया कि तुम सभी ऋषियों को बुलाओ. तुम्हारे लिए एक विशाल नौका आएगी.

समस्त उत्तम औषधियों, अन्न और वृक्षों के बीच लेकर उस नौका में सवार हो जाना. समुद्र में समाए समस्त वेदों को अपने ज्ञान से शीघ्रतापूर्वक रहस्य समेत ढूंढकर निकाल लाओ. तब तक मैं देवताओं के साथ प्रयाग में रुकूंगा.
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