January 28, 2026

महिषासुर ने मां जगदम्बे को सुनायी मंदोदरी की कहानी: नवरात्रि कथा – 2

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महिषासुर बड़ा मायावी था. उसने मोटे,काले और बड़ी बड़ी सींग वाले कुरूप भैंसे का शरीर त्याग कर एक सुंदर सजीले पुरुष का रूप धर लिया. दिव्य वस्त्रों, तरह तरह के गहनों से सज़ा, वह दूसरा कामदेव लग रहा था. हाथ में धनुष बाण ले रथ पर सवार वह मां जगदंबा के सामने पहुंच गया.

महिषासुर दुर्गा जी से बोला, सुंदरी! सारे देवता मुझसे हार चुके हैं. अब तीनों लोक मेरे हैं. तुम मेरी पटरानी बन जाओ. कहोगी तो देवताओं से बैर छोड़ दूंगा. समूचे ब्रह्मांड का सुख तुम्हारे कदमों में होगा. यह संयोग बड़ी मुश्किल से मिला है इसका लाभ उठाओ.

वह कहता रहा, मधुर वचन बोलने वाली देवि तुम्हारे रूप ने मेरे मन को मोह लिया है. मैं काम देव के बाणों से घायल हूं. मुझ पर दया करो. मुझे जीवन भर के लिये तुम्हारी चाकरी मंजूर है. मैं सारे हथियार तुम्हारे चरणों में रख कर यह वचन देता हूं कि सारी जिंदगी तुम्हारा नौकर बन कर रहूंगा. बस मेरी बन जाओ.

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