January 28, 2026

जहां सुमति तहां संपत्ति नाना, जहां कुमति तहां विपत्ति निधाना- महाभारत कथा

krishna chakra
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आपने वह कथा सुनी होगी कि कैसे जाल में फंसे पक्षियों ने एकता दिखाई और जाल को ले उड़े. फिर एक चूहे की सहायता से बंधन से मुक्त भी हो गए. महाभारत में एक कथा इससे एकदम उलट है- वह पढ़िए.

एक बहेलिए ने एक ही तरह के पक्षियों के एक छोटे से झुंड़ को खूब मौज-मस्ती करते देखा तो उन्हें फंसाने की सोची. उसने पास के घने पेड़ के नीचे अपना जाल बिछा दिया.

बहेलिया अनुभवी था, उसका अनुमान ठीक निकला. पक्षी पेड़ पर आए और फिर दाना चुगने पेड़ के नीचे उतरे. वे सब आपस में मित्र थे सो भोजन देख समूचा झुंड़ ही एक साथ उतरा.

पक्षी ज्यादा तो नहीं थे पर जितने भी थे सब के सब बहेलिये के बिछाए जाल में फंस गए. जाल में फंसे पक्षी आपस में राय बात करने लगे कि अब क्या किया जाए. क्या बचने की अभी कोई राह है?

उधर बहेलिया खुश हो गया कि पहली बार में ही कामयाबी मिल गयी. बहेलिया जाल उठाने को चला ही था कि आपस में बातचीत कर सभी पक्षी एकमत हुए. पक्षियों का झुंड़ जाल ले कर उड़ चला.

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