January 28, 2026

चित्रकेतु ने कर दिया शिव का अपमान, पार्वती ने दिया असुर होने का शाप- कौन था इंद्रद्रोही वृतासुर?

6
अब आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके लिए डाउनलोड करें प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प.
Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें

इंद्र ने वृतासुर का वध कर दिया. एक बार फिर ब्रह्महत्या का पाप इंद्र का पीछा करने लगा. विश्वरूप की हत्या का पाप तो धरती, जल, स्त्रियों और वृक्षों ने उठा लिया था.

इंद्र फिर से संकट में थे. ऋषियों ने इंद्र को कहा कि वह यज्ञों के माघ्यम से इस पाप से मुक्ति कराएंगे. ब्रह्म हत्या के दोष पीड़ित इंद्र को कहीं शरण न मिल रही थी.

हारकर इंद्र मानसरोवर में एक कमल की डंठल में छिप गए. मानसरोवर लक्ष्मीजी द्वारा रक्षित है इसलिए ब्रह्महत्या का दोष वहां प्रवेश नहीं कर सका.

इंद्र ने मानसरोवर में हज़ार वर्षों तक तप करके पाप का प्रायश्चित किया. इस दौरान इंद्र यज्ञों में समर्पित हविष से वंचित रहे. स्वर्ग इंद्रविहीन हो गया था.
शेष अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.

See also  पुण्यात्मा गोकर्ण ने अपने भाई को दिलाई प्रेत योनि से मुक्तिः भागवत महात्म्य कथा में गोकर्ण प्रसंग भाग-1
Share: