हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[fblike]
देवता ने प्रश्न किया- पर आप ऐसा क्यों चाहते हैं. इससे क्या नुकसान हो सकता है.
संत बोले- शक्ति का अहसास मन को मलिन करके कुच्रकों की रचना शुरू करता है चाहे वह कोई दैवीय सिद्धि ही हो क्यों न हो. यदि प्रचार शुरू हुआ और मेरे मन में श्रेष्ठता का अभिमान होने लगा तो फिर यह वरदान मेरे लिए शाप बन जाएगा.
इससे तो अच्छा है कि लोगों का कल्याण चुपचाप ही हो जाए. न मुझे पता चलेगा न अभिमान की संभावना रहेगी.
देवता प्रसन्न हो गए. उन्होंने कहा- परमात्मा ने ऐसे वरदान के लिए सर्वथा योग्य व्यक्ति का चयन किया है. आपकी मनोकामना अवश्य पूरी होगी.
जब आपकी किसी चीज के लिए बहुत ज्यादा इच्छा होती है तब वह वस्तु आसानी से नहीं मिलती. लालसा घटते ही वह सरलता से उपलब्ध होने लगती है.
बहुत ज्यादा इच्छाएं मानसिक अशांति का कारण बनती हैं. परोपकार का भाव रखना बहुत अच्छा है लेकिन उस परोपकार के बदले उपकार का भाव रखना लालसा है.
लालसा आते ही परोपकार का आपका सामर्थ्य कम होता है. आजमाई हुई बात है. ध्यान से सोचिए, सत्य लगेगा.
परमात्मा मनुष्य की तरह-तरह से परीक्षा लेते हैं. किसी दिन परमात्मा ने सच में कोई दैवीय शक्ति देने का मन बना लिया तो इस कथा को याद रखिएगा. परमात्मा उसी को चमत्कारी शक्तियां देते हैं जो इसका प्रयोग परमार्थ के लिए करता है.
संकलन व संपादनः राजन प्रकाश
मित्रों हम खोज-खोजकर धार्मिक, आध्यात्मिक और प्रेरक कहानियां लेकर आते हैं. आप फेसबुक के माध्यम से यहां तक पहुंचते हैं. आपको सरल रास्ता बताता हूं एक साथ ऐसी धार्मिक और प्रेरक कई सौ कहानियां पढ़ने का.
आप प्रभु शरणम् का एप्प ही डाउनलोड कर लें. प्रभु शरणम् हिंदू धर्मग्रंथों के प्रचार का एक धार्मिक अभियान है. धर्मग्रंथों से जुड़े गूढ़ ज्ञान से परिचित होना है तो प्रभु शरणम् का एप्प डाउनलोड कर लेना ज्यादा सरल विकल्प है. इसका लिंक नीचे दिया गया है.
अब आप बिना इन्टरनेट के व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र , श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ तथा उपयोग कर सकते हैं.इसके लिए डाउनलोड करें प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प.
Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
ये भी पढ़ें-
कैसा रहेगा यह सप्ताहः चंद्रराशि आधारित साप्ताहिक राशिफल (11 जनवरी से 17 जनवरी)
उनते पहले वे मुए जिन मुख निकसत नाहिः यह आदत भगवान को भी पसंद नहीं
श्रीविष्णु को बार-बार क्यों लेना पड़ा है मानव अवतार, हर अवतार में क्यों सहते हैं विरह वेदना
महालक्ष्मी ने क्यों धरा बेलवृक्ष का रूप, शिव ने क्यों मान बिल्ववृक्ष को शिवस्वरूप
prabhu sharnam is best way to bhakti
आपके शुभ वचनों के लिए हृदय से कोटि-कोटि आभार.
आप नियमित पोस्ट के लिए कृपया प्रभु शरणम् से जुड़ें. ज्यादा सरलता से पोस्ट प्राप्त होंगे और हर अपडेट आपको मिलता रहेगा. हिंदुओं के लिए बहुत उपयोगी है. आप एक बार देखिए तो सही. अच्छा न लगे तो डिलिट कर दीजिएगा. हमें विश्वास है कि यह आपको इतना पसंद आएगा कि आपके जीवन का अंग बन जाएगा. प्रभु शरणम् ऐप्प का लिंक? https://goo.gl/tS7auA