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सहज कृपालु भगवान महोदर मोहासुर की दीनतापर प्रसन्न हो गए. उसे अपनी भक्ति प्रदान कर दी. मोहासुर के शान्त होने से देवता, ऋषि, ब्राह्मण तथा धर्म-परायण स्त्री-पुरूष सभी सुखी हो गए. देवता और मुनि महाप्रभु महोदर की स्तुति एवं जय-जयकार करने लगे.

भगवान महोदर का मंत्र

महोदर इति ख्यातो ज्ञानब्रह्मप्रकाशकः ।
मोहासुरस्य शत्रुर्वे आखुवाहनगः स्मृतः ||

(अर्थ :-भगवान् श्री गणेश का महोदर अवतार ब्रह्म ज्ञान का प्रकाशक है, यह मोहासूर का वध करने वाला है तथा मूषक वाहन पर चलने वाला है)

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