January 29, 2026

जानिए ब्रह्माजी के किस घमंड को, श्रीविष्णु ने किया चूर

brahma vishnu
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जगतपिता ब्रह्मा को जैसा सफेद दाढीवाल वृद्ध देवता की तरह चित्रों में दिखाया जाता है, वह ब्रह्मा हमेशा से वे वैसे न थे. ब्रह्माजी का शरीर भी दूसरे देवताओं सरीखा सुंदर तो था ही साथ-साथ उनमें योगियों, मुनियों जैसी चमक भी थी.

ब्रह्माजी के इस मनमोहक रूप को देखकर स्वर्ग की सबसे सुंदर अप्सरा जिसका नाम मोहिनी था, वह खुद ब्रह्माजी पर मोहित हो गयी. उसके मन में ब्रह्माजी का साथ पाने की बड़ी लालसा थी.

उसने दूर-दूर से कई कोशिशें की पर सब व्यर्थ गए. ब्रह्माजी पर अपने रूप का जादू चलाने के लिए उनके समीप जाना होगा, ऐसा सोचकर एक बार वह ब्रह्माजी के पास जा पहुंची.

ब्रह्माजी समाधि में लीन थे. मोहिनी जानती थी समाधि तोड़ने का मतलब शाप पाना भी हो सकता है. तब लेने के देने पड़ जायेंगे इसलिए वह ब्रह्माजी के समीप ही आसन लगाकर बैठ गई.

समाधि की समाप्ति पर ब्रह्माजी ने जब आंखें खोलीं तो सामने अत्यंत रूपसी मोहिनी को पाया. अचकचा कर पूछा,” देवी! आप स्वर्ग छोड़ यहां आ कर मेरे समीप क्यों बैठी हैं?”
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