January 28, 2026

ब्रज की धूलि बनने तक को देवो में क्यों मची थी मारामारी – अदभुत कथा

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भगवान श्रीकृष्ण व्रज में अवतार लेकर बाल लीला करने वाले हैं, यह खबर देवताओ को लगी तो सभी बाल कृष्ण की लीला के साक्षी बनने को लालायित हो गए.

कुछ देवताओं ने व्रज में ग्वाला रूप में जन्म लिया, कोई गोपी बना, कोई गाय, कोई मोर हुआ तो कोई तोता. सभी देवी-देवता किसी न किसी रूप में व्रज में पहुंच गए और प्रभु के अवतार से पहले ही व्रज को सुन्दर बना दिया.

कुछ देवता पिछड़ गए. वे ब्रह्माजी के पास आये और ब्रह्माजी से अपनी नाराजगी जताते हुए कहने लगे कि ब्रह्मदेव आप ने हमें व्रज में क्यों नही भेजा?

बाल कृष्ण की सुंदर लीलाओं से हम वंचित नहीं रहना चाहते. आप कुछ भी करिए किसी भी रूप में भेजिए लेकिन हमें व्रज में जाने का अवसर दीजिए.

ब्रह्मा जी बोले- व्रज में जितने लोगों को भेजना संभव था उतने लोगों को भेज दिया मैंने. अब व्रज में जगह खाली नहीं बची है.

देवताओं ने ब्रह्माजी से अनुरोध किया- प्रभु! आप हमें ग्वालिनें ही बना दें. ब्रह्माजी बोले- जितने लोगों को ग्वालिनें बनाना था उतनों को बना दिया. अब और ग्वालिनें नहीं बना सकते.

देवता बोले- प्रभु! ग्वालिनें नहीं बना सकते तो हमे बरसाने को गोपियां ही बना दें. ब्रह्माजी बोले- जितनी गोपियां बनानी थीं बना दीं. रास में हजारों दीक जाएंगी. अब गोपियों की भी जगह खाली नही है.
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