हमारा फेसबुक पेज लाईक करें.[sc:fb]
ऐसा कहकर शंख, चक्र और गदा से सुशोभित श्रीहरि गरूड़ पर सवार होकर युद्धभूमि की ओर चल पड़े. श्रीहरि को देखकर देवसेना में उत्साह आया. गरूड़ ने अपने पंखों को इतने वेग से हिलाया कि तूफान चलने लगा. इससे असुर विचलित हुए.
शेष अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.