March 19, 2026

विशालकाय गणपति और वाहन चूहा! क्यों लंबोदर का वाहन चूहा है, गणेश पुराण की सुंदर कथा

ganesha
पौराणिक कथाएँ, व्रत त्यौहार की कथाएँ, चालीसा संग्रह, भजन व मंत्र, गीता ज्ञान-अमृत, श्रीराम शलाका प्रशनावली, व्रत त्यौहार कैलेंडर इत्यादि पढ़ने के हमारा लोकप्रिय ऐप्प “प्रभु शरणम् मोबाइल ऐप्प” डाउनलोड करें.
Android मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
iOS मोबाइल ऐप्प के लिए क्लिक करें
[sc:fb]

विशालकाय शरीर वाले गणेशजी का वाहन चूहा क्यों बना, यह सबके लिए कौतूहल का प्रश्न है. इसको लेकर गणेश पुराण में एक बड़ी विस्तृत कथा आती है. उसे संक्षिप्त रूप में आपके लिए प्रस्तुत कर रहा हूं.

सुमेरू पर्वत पर सौभरि ऋषि आश्रम बनाकर तप करते थे. उनकी पतिव्रता पत्नी मनोमयी इतनी रूपवती थीं कि उनके रूप पर यक्ष गंधर्व आदि सभी मोहित थे.

मनोमयी के पतिव्रता और सौभरि की पत्नी होने के कारण गंधर्व मनोमयी की ओर देखने का साहस नहीं कर पाते थे लेकिन क्रौंच नाम एक दुष्ट गंधर्व से न रहा गया.

क्रोंच ऋषि पत्नी के हरण का अवसर देखने लगा. एक बार ऋषि लकड़ियां लाने वन गए. कौंच को मनोमयी के हरण का यह उचित समय लगा. वह आश्रम में आया.

कौंच मनोमयी का हाथ पकड़कर खींचकर अपने साथ ले जाने लगा. ऋषि पत्नी उससे दया की भीख मांगने लगी. उसी समय सौभरि ऋषि आ पहुंचे.

शेष अगले पेज पर. नीचे पेज नंबर पर क्लिक करें.

See also  लक्ष्मीजी ने कामधेनु से गोबर में मांग लिया अपना स्थान, इसलिए होती है गोबर गणेश की पूजा
Share: